बेटी का जन्म किसी भी परिवार के लिए खुशी का खास पल होता है। माता-पिता चाहते हैं कि उनकी बेटी को अच्छी शिक्षा मिले, वह स्वस्थ रहे और भविष्य में अपने पैरों पर खड़ी हो सके। लेकिन कई परिवारों के लिए बच्चे की परवरिश, पढ़ाई और भविष्य के लिए बचत करना आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी परिवारों के लिए मददगार साबित हो सकती है।
भारत में केंद्र और अलग-अलग राज्य सरकारें बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाती हैं। कुछ योजनाओं के तहत पात्र महिलाओं को मातृत्व सहायता मिल सकती है, कुछ में बेटी के जन्म से लेकर पढ़ाई तक अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है, जबकि कुछ योजनाएं भविष्य के लिए बचत करने में मदद करती हैं।
अगर आपके घर में बेटी का जन्म हुआ है या आप बेटी के भविष्य के लिए सरकारी योजनाओं की जानकारी तलाश रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए उपयोगी हो सकता है। यहां हम बेटी के जन्म पर सरकारी योजनाएं 2026, उनके लाभ, पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया को आसान हिंदी में समझेंगे।
बेटी के जन्म पर सरकारी योजनाएं 2026: एक नजर में
भारत में बेटी के जन्म और उसके भविष्य से जुड़ी कुछ प्रमुख योजनाएं इस प्रकार हैं:
| योजना का नाम | मुख्य उद्देश्य |
|---|---|
| प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) | पात्र महिलाओं को मातृत्व संबंधी आर्थिक सहायता |
| सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) | बेटी के भविष्य के लिए बचत |
| मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना | उत्तर प्रदेश में बालिका के जन्म और शिक्षा को प्रोत्साहन |
| लाड़ली लक्ष्मी योजना | मध्य प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा और भविष्य के लिए सहायता |
| बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ | बालिकाओं के संरक्षण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देना |
ध्यान दें कि इन सभी योजनाओं का उद्देश्य और लाभ अलग-अलग है। हर योजना में सीधे बैंक खाते में पैसा नहीं मिलता। पात्रता, आवेदन की समयसीमा और लाभ की राशि संबंधित योजना के मौजूदा नियमों के अनुसार तय होती है।

1. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना 2026 (PMMVY)
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना केंद्र सरकार की मातृत्व लाभ योजना है। इसका उद्देश्य पात्र गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता देकर उनके स्वास्थ्य और पोषण में सहयोग करना है।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जानकारी के अनुसार, योजना में पहले जीवित बच्चे के लिए निर्धारित शर्तों के तहत ₹5,000 की सहायता दी जाती है। दूसरे बच्चे के लड़की होने पर पात्र महिला को ₹6,000 की सहायता एक किस्त में मिल सकती है। यह सहायता निर्धारित शर्तें पूरी करने पर ही मिलती है।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के लाभ
- पहले जीवित बच्चे के लिए पात्र महिला को कुल ₹5,000 की सहायता निर्धारित किस्तों में मिल सकती है।
- दूसरे बच्चे के लड़की होने पर पात्र महिला को ₹6,000 की सहायता मिल सकती है।
- गर्भावस्था का पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच और बच्चे के जन्म का पंजीकरण जैसी शर्तें लागू होती हैं।
- योजना का उद्देश्य मां और बच्चे के स्वास्थ्य तथा पोषण को बेहतर बनाने में मदद करना है।
पात्रता क्या है?
इस योजना में हर महिला को स्वतः लाभ नहीं मिलता। पात्रता और अपवर्जन के नियम लागू होते हैं। आवेदन करने से पहले वर्तमान दिशानिर्देशों के अनुसार अपनी पात्रता जांचें। पहले बच्चे के लिए गर्भावस्था पंजीकरण और कम से कम दो प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच जैसी शर्तें निर्धारित हैं। दूसरे बच्चे के लड़की होने पर भी गर्भावस्था पंजीकरण, स्वास्थ्य जांच, जन्म पंजीकरण और टीकाकरण संबंधी शर्तें पूरी करनी होती हैं।
आवेदन कैसे करें?
- अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
- आंगनवाड़ी कार्यकर्ता या आशा कार्यकर्ता से योजना की पात्रता और दस्तावेजों की जानकारी लें।
- पात्र होने पर आधिकारिक पोर्टल https://pmmvy.wcd.gov.in पर आवेदन करें या संबंधित कार्यकर्ता की सहायता लें।
- आवेदन जमा करने के बाद उसकी स्थिति और बैंक खाते में मिलने वाली सहायता की जानकारी लेते रहें।
इस योजना के बारे में आधिकारिक जानकारी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
2. सुकन्या समृद्धि योजना 2026 (Sukanya Samriddhi Yojana)
अगर आप बेटी के जन्म के बाद उसके भविष्य के लिए पैसे बचाना चाहते हैं, तो सुकन्या समृद्धि योजना एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकती है। यह सरकार द्वारा समर्थित छोटी बचत योजना है, जिसमें बेटी के नाम पर खाता खोलकर नियमित रूप से बचत की जा सकती है।
यह बात समझना जरूरी है कि सुकन्या समृद्धि योजना में सरकार बेटी के जन्म पर मुफ्त नकद सहायता नहीं देती। इसमें माता-पिता या अभिभावक अपनी क्षमता के अनुसार पैसे जमा करते हैं और उस पर निर्धारित नियमों के अनुसार ब्याज मिलता है।
सुकन्या समृद्धि योजना के प्रमुख लाभ
- बेटी की शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए बचत करने में मदद मिलती है।
- खाता सामान्यतः 10 वर्ष से कम आयु की बालिका के नाम पर खोला जा सकता है।
- खाता खोलने के लिए न्यूनतम शुरुआती जमा ₹250 है।
- एक वित्तीय वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं।
- खाते की परिपक्वता सामान्यतः खाता खोलने की तारीख से 21 वर्ष बाद होती है।
- निर्धारित शर्तों के अंतर्गत उच्च शिक्षा के लिए आंशिक निकासी की सुविधा मिलती है।
डाक विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अक्टूबर-दिसंबर 2026 की ब्याज दर की पुष्टि संबंधित तिमाही की आधिकारिक अधिसूचना से करनी चाहिए। ब्याज दर समय-समय पर बदली जा सकती है।
सुकन्या समृद्धि खाता कैसे खोलें?
- बेटी का जन्म प्रमाण पत्र तैयार रखें।
- माता-पिता या अभिभावक का पहचान और पता प्रमाण तैयार करें।
- नजदीकी डाकघर या इस योजना की सुविधा देने वाली अधिकृत बैंक शाखा में जाएं।
- सुकन्या समृद्धि खाता खोलने का फॉर्म भरें।
- जरूरी दस्तावेजों के साथ शुरुआती जमा राशि जमा करें।
- खाता खुलने के बाद समय-समय पर निर्धारित न्यूनतम जमा करते रहें।
खाता खोलने से पहले जमा, निकासी, कर लाभ और परिपक्वता से जुड़े वर्तमान नियमों की पुष्टि कर लें।
3. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना 2026 (उत्तर प्रदेश)
उत्तर प्रदेश में रहने वाले परिवारों के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना खास तौर पर उपयोगी हो सकती है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के जन्म, स्वास्थ्य और शिक्षा को बढ़ावा देना है। इस योजना में निर्धारित चरणों के अनुसार आर्थिक सहायता दी जाती है।
उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर दी गई पात्रता संबंधी जानकारी के अनुसार, परिवार का उत्तर प्रदेश का निवासी होना, वार्षिक आय अधिकतम ₹3 लाख होना और परिवार में बच्चों की संख्या से जुड़ी निर्धारित शर्तें महत्वपूर्ण हैं। सामान्य नियम के अनुसार, एक परिवार की अधिकतम दो बालिकाओं को लाभ दिया जाता है, हालांकि कुछ विशेष परिस्थितियों के लिए अलग प्रावधान हैं।
कन्या सुमंगला योजना में कितनी सहायता मिलती है?
आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार सहायता छह श्रेणियों में दी जाती है:
| श्रेणी | पात्रता का चरण | पोर्टल पर उल्लिखित सहायता |
|---|---|---|
| पहली | 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद जन्मी पात्र बालिका | ₹5,000 |
| दूसरी | एक वर्ष के भीतर पूर्ण टीकाकरण की शर्त पूरी करने वाली पात्र बालिका | ₹2,000 |
| तीसरी | चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा 1 में प्रवेश | ₹3,000 |
| चौथी | चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा 6 में प्रवेश | ₹3,000 |
| पांचवीं | चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा 9 में प्रवेश | ₹5,000 |
| छठी | कक्षा 10 या 12 पास करने के बाद स्नातक या कम-से-कम दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश | ₹7,000 |
इन छह श्रेणियों की राशि जोड़ने पर ₹25,000 बनते हैं। यह कुल राशि तभी लागू होगी जब बालिका संबंधित श्रेणियों की सभी शर्तें पूरी करे। किसी एक चरण की राशि को हर आवेदक के लिए तुरंत मिलने वाली रकम न समझें। वर्तमान नियम और भुगतान की स्थिति आधिकारिक पोर्टल पर जांचें।
कन्या सुमंगला योजना की पात्रता
- परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।
- परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए।
- परिवार में बच्चों की संख्या से संबंधित शर्तें पूरी होनी चाहिए।
- बालिका के जन्म और शिक्षा से जुड़े जरूरी प्रमाण उपलब्ध होने चाहिए।
- आवेदन योजना के निर्धारित नियमों और समयसीमा के अनुसार होना चाहिए।
आवेदन प्रक्रिया
- आधिकारिक पोर्टल https://mksy.up.gov.in खोलें।
- नागरिक या अतिथि लॉगिन से संबंधित आवेदन विकल्प देखें।
- बालिका और उसके माता-पिता की आवश्यक जानकारी भरें।
- जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण और अन्य मांगे गए दस्तावेज अपलोड करें।
- फॉर्म जमा करके आवेदन संख्या सुरक्षित रखें।
- पोर्टल पर आवेदन की स्थिति जांचते रहें।
अगर ऑनलाइन आवेदन करने में परेशानी हो, तो महिला एवं बाल विकास विभाग या संबंधित जिला कार्यालय से सहायता ली जा सकती है।
4. लाड़ली लक्ष्मी योजना 2026 (मध्य प्रदेश)
मध्य प्रदेश सरकार की लाड़ली लक्ष्मी योजना का उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा, सामाजिक स्थिति और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को बढ़ावा देना है। इस योजना में पात्र बालिकाओं को निर्धारित नियमों के अनुसार विभिन्न शैक्षिक चरणों पर सहायता दी जाती है।
यह योजना उन परिवारों के लिए उपयोगी हो सकती है जो मध्य प्रदेश में रहते हैं और अपनी बेटी की पढ़ाई तथा भविष्य के लिए सरकारी सहायता प्राप्त करना चाहते हैं।
योजना के लाभ
योजना के प्रचलित प्रावधानों के अनुसार, पात्र बालिका को पंजीकरण के बाद प्रमाण पत्र दिया जाता है और निर्धारित कक्षाओं में प्रवेश पर छात्रवृत्ति मिल सकती है। उच्च शिक्षा या व्यावसायिक पाठ्यक्रम में प्रवेश पर भी शर्तों के अनुसार प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है।
अंतिम लाभ राशि और किस्तों की जानकारी आवेदन से पहले आधिकारिक पोर्टल पर जांचें, क्योंकि पात्रता और नियमों के अनुसार भुगतान निर्धारित होता है।
पात्रता और जरूरी शर्तें
- बालिका और परिवार को मध्य प्रदेश सरकार की निर्धारित पात्रता पूरी करनी होगी।
- जन्म पंजीकरण और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध होने चाहिए।
- परिवार की स्थिति, बालिका के जन्म क्रम और अन्य शर्तों के अनुसार पात्रता तय हो सकती है।
- निर्धारित समय में पंजीकरण कराना जरूरी हो सकता है।
आवेदन कैसे करें?
- आधिकारिक वेबसाइट https://ladlilaxmi.mp.gov.in पर जाएं।
- योजना के पंजीकरण या आवेदन विकल्प को चुनें।
- बालिका और परिवार की जानकारी भरें।
- मांगे गए प्रमाण पत्र और दस्तावेज जमा करें।
- आवेदन की स्थिति संबंधित पोर्टल या विभाग से जांचें।
ऑनलाइन आवेदन में कठिनाई होने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, लोक सेवा केंद्र या महिला एवं बाल विकास विभाग की मदद ली जा सकती है।
5. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना 2026
बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य बालिकाओं के प्रति समाज की सोच में सकारात्मक बदलाव लाना, उनके संरक्षण को बढ़ावा देना और शिक्षा के अवसरों को बेहतर बनाना है।
इस योजना के बारे में एक गलतफहमी अक्सर देखने को मिलती है कि बेटी के जन्म पर इसके तहत सीधे बैंक खाते में पैसे दिए जाते हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय स्पष्ट करता है कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना में सीधे नकद लाभ हस्तांतरण यानी DBT का प्रावधान नहीं है।
इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति इस योजना के नाम पर बेटी के जन्म पर निश्चित रकम दिलाने का दावा करके शुल्क मांगता है, तो सावधान रहना चाहिए।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य
- बालिकाओं के जन्म और संरक्षण को प्रोत्साहित करना।
- लड़कियों की शिक्षा और स्कूल में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना।
- बालिकाओं के प्रति भेदभाव कम करने के लिए जागरूकता फैलाना।
- समाज में लड़कियों की समान भागीदारी और अधिकारों को प्रोत्साहित करना।
यह मुख्य रूप से जागरूकता और विभिन्न विभागों के समन्वय पर आधारित पहल है, न कि बेटी के जन्म पर सीधे नकद राशि देने वाली योजना।
बेटी के जन्म पर सरकारी योजना के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए?
अलग-अलग योजनाओं में दस्तावेजों की सूची अलग हो सकती है। फिर भी आवेदन करते समय आमतौर पर निम्नलिखित दस्तावेज काम आ सकते हैं:
- बेटी का जन्म प्रमाण पत्र।
- माता और पिता का आधार कार्ड या अन्य मान्य पहचान प्रमाण।
- परिवार का निवास प्रमाण पत्र।
- राशन कार्ड या परिवार से संबंधित अन्य प्रमाण।
- बैंक खाते की जानकारी और जहां आवश्यक हो, बैंक पासबुक की प्रति।
- माता-पिता का मोबाइल नंबर।
- आय प्रमाण पत्र, यदि योजना में आवश्यक हो।
- गर्भावस्था पंजीकरण या स्वास्थ्य जांच संबंधी रिकॉर्ड, जहां लागू हो।
- बेटी का टीकाकरण कार्ड।
- पासपोर्ट आकार की फोटो, यदि मांगी जाए।
महत्वपूर्ण: हर योजना में ये सभी दस्तावेज अनिवार्य नहीं होते। आवेदन से पहले संबंधित सरकारी पोर्टल पर दस्तावेजों की नवीनतम सूची जांच लें।
बेटी के जन्म पर सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कैसे करें?
सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए सही योजना चुनना और समय पर आवेदन करना जरूरी है। आप नीचे दिए गए सामान्य चरणों का पालन कर सकते हैं।
चरण 1: अपने राज्य की योजना पहचानें
सबसे पहले यह पता करें कि आपके राज्य में बेटी के जन्म, शिक्षा या भविष्य के लिए कौन-सी योजनाएं उपलब्ध हैं। एक राज्य में लागू योजना दूसरे राज्य में लागू होना जरूरी नहीं है।
चरण 2: पात्रता की जांच करें
योजना की आय सीमा, निवास, बच्चों की संख्या, बेटी की आयु और अन्य शर्तें पढ़ें। पात्रता पूरी न होने पर आवेदन अस्वीकार हो सकता है।
चरण 3: जरूरी दस्तावेज तैयार करें
बेटी का जन्म प्रमाण पत्र और परिवार के जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। जन्म का पंजीकरण समय पर कराना कई योजनाओं में महत्वपूर्ण होता है।
चरण 4: आधिकारिक पोर्टल से आवेदन करें
जहां ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध है, वहां संबंधित सरकारी वेबसाइट से फॉर्म भरें। जरूरत पड़ने पर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता या अधिकृत सेवा केंद्र की मदद लें।
चरण 5: आवेदन की स्थिति जांचें
आवेदन जमा करने के बाद मिलने वाली रसीद या आवेदन संख्या सुरक्षित रखें। किसी दस्तावेज की कमी या अन्य समस्या होने पर संबंधित विभाग से संपर्क करें।
अपने लिए सही सरकारी योजना कैसे खोजें?
अगर आपको यह पता नहीं है कि आपके राज्य में कौन-सी योजना लागू है, तो केंद्र सरकार के myScheme पोर्टल का उपयोग कर सकते हैं।
वेबसाइट: https://www.myscheme.gov.in/hi
इस पोर्टल पर अपनी उम्र, राज्य, आय और अन्य जरूरी जानकारी के आधार पर योजनाएं खोजी जा सकती हैं। यहां केंद्र और राज्य सरकारों की योजनाओं की पात्रता, लाभ, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी मिल सकती है।
योजना खोजने के बाद संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नवीनतम नियमों की पुष्टि जरूर करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. बेटी के जन्म पर सरकार से कितने रुपये मिलते हैं?
इसका कोई एक निश्चित जवाब नहीं है। सहायता की राशि संबंधित योजना, राज्य, परिवार की पात्रता और लागू नियमों पर निर्भर करती है। कुछ योजनाओं में मातृत्व सहायता मिलती है, कुछ में बालिका की शिक्षा के चरणों पर लाभ मिलता है और कुछ बचत योजनाएं हैं।
2. क्या बेटी के जन्म पर पूरे भारत में एक जैसी योजना लागू है?
नहीं। केंद्र सरकार की योजनाएं निर्धारित पात्रता के अनुसार लागू होती हैं, जबकि राज्य सरकारों की योजनाएं राज्य विशेष की शर्तों पर निर्भर करती हैं।
3. क्या बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना में सीधे पैसे मिलते हैं?
नहीं। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार इस योजना में सीधे नकद लाभ हस्तांतरण का प्रावधान नहीं है।
4. क्या सुकन्या समृद्धि योजना में बेटी के जन्म पर मुफ्त पैसा मिलता है?
नहीं। यह बचत योजना है। इसमें माता-पिता या अभिभावक बेटी के नाम पर खाता खोलकर पैसे जमा करते हैं और निर्धारित दर से ब्याज मिलता है।
5. उत्तर प्रदेश में बेटी के जन्म पर कौन-सी योजना उपलब्ध है?
उत्तर प्रदेश में पात्र परिवार मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के बारे में जानकारी ले सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल https://mksy.up.gov.in पर पात्रता और आवेदन संबंधी नियम देखें।
6. क्या सरकारी योजना के लिए आवेदन शुल्क देना पड़ता है?
यह संबंधित सेवा और आवेदन माध्यम पर निर्भर करता है। किसी अनधिकृत एजेंट को पैसे देने से बचें और शुल्क संबंधी जानकारी केवल आधिकारिक पोर्टल या संबंधित कार्यालय से प्राप्त करें।
7. बेटी का जन्म प्रमाण पत्र क्यों जरूरी है?
जन्म प्रमाण पत्र बालिका की जन्मतिथि और पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण दस्तावेज है। कई योजनाओं में पात्रता और आवेदन की जांच के लिए इसकी आवश्यकता होती है।
8. सरकारी योजना का आवेदन कहां से करें?
आप संबंधित योजना की आधिकारिक वेबसाइट, अधिकृत सेवा केंद्र या संबंधित विभाग की मदद से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले योजना के वर्तमान नियम जरूर पढ़ें।
| क्र.सं. | राज्य का नाम | योजना का नाम | आवेदन / आधिकारिक लिंक |
|---|---|---|---|
| 1 | आंध्र प्रदेश | Girl Child Protection Scheme | Apply Now ↗ |
| 2 | अरुणाचल प्रदेश | बालिका कल्याण योजनाएं | योजना देखें ↗ |
| 3 | असम | बालिका एवं महिला कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 4 | बिहार | मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 5 | छत्तीसगढ़ | बालिका कल्याण योजनाएं | योजना देखें ↗ |
| 6 | गोवा | बालिका कल्याण एवं बचत योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 7 | गुजरात | वहाली दीकरी योजना | योजना देखें ↗ |
| 8 | हरियाणा | आपकी बेटी हमारी बेटी | आधिकारिक जानकारी ↗ |
| 9 | हिमाचल प्रदेश | बालिका कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 10 | झारखंड | सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना | योजना देखें ↗ |
| 11 | कर्नाटक | बालिका संरक्षण एवं कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 12 | केरल | बालिका एवं महिला कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 13 | मध्य प्रदेश | लाड़ली लक्ष्मी योजना | आधिकारिक पोर्टल ↗ |
| 14 | महाराष्ट्र | लेक लाडकी योजना | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 15 | मणिपुर | बालिका कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 16 | मेघालय | बालिका कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 17 | मिजोरम | बालिका कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 18 | नागालैंड | बालिका एवं महिला कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 19 | ओडिशा | बालिका एवं महिला कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 20 | पंजाब | बालिका एवं महिला कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 21 | राजस्थान | लाडो प्रोत्साहन योजना | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 22 | सिक्किम | बालिका कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 23 | तमिलनाडु | Chief Minister’s Girl Child Protection Scheme | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 24 | तेलंगाना | बालिका संरक्षण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 25 | त्रिपुरा | बालिका एवं महिला कल्याण योजनाएं | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 26 | उत्तर प्रदेश | मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना | Apply Now ↗ |
| 27 | उत्तराखंड | नंदा गौरा योजना | सरकारी पोर्टल ↗ |
| 28 | पश्चिम बंगाल | कन्याश्री प्रकल्प | सरकारी पोर्टल ↗ |
केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए myScheme पोर्टल और मातृत्व सहायता के लिए प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
निष्कर्ष
बेटी का जन्म परिवार के लिए एक नई शुरुआत है और उसके बेहतर भविष्य की तैयारी भी उसी समय से शुरू की जा सकती है। सरकार की विभिन्न योजनाएं परिवारों को मातृत्व सहायता, शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग या भविष्य के लिए बचत करने के अवसर दे सकती हैं।
हालांकि, यह समझना जरूरी है कि हर योजना में लाभ की राशि और पात्रता अलग होती है। इसलिए किसी भी योजना में आवेदन करने से पहले उसकी आधिकारिक जानकारी पढ़ें, जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और आवेदन की स्थिति जांचते रहें।
अगर आपके घर में बेटी का जन्म हुआ है, तो सबसे पहले अपने राज्य की बालिका कल्याण योजनाओं और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की पात्रता जांचें। सही जानकारी और समय पर आवेदन से आप अपनी बेटी के भविष्य की तैयारी बेहतर तरीके से कर सकते हैं।
