10वीं से ग्रेजुएशन तक Free Scholership

Published on: February 17, 2026
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मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना 10वीं से ग्रेजुएशन तक पूरी जानकारी

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना बिहार सरकार की एक व्यापक और महत्वाकांक्षी योजना है जिसका उद्देश्य राज्य की बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के अंतर्गत अलग-अलग चरणों में प्रोत्साहन राशि दी जाती है ताकि बालिकाएं पढ़ाई बीच में न छोड़ें और 10वीं से लेकर स्नातक तक अपनी शिक्षा पूरी कर सकें। यह योजना महिला सशक्तिकरण, बाल विवाह रोकथाम और शिक्षा के स्तर को बढ़ाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जाती है। इस योजना का लाभ बिहार की स्थायी निवासी छात्राओं को मिलता है और राशि सीधे उनके बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।

10वीं पास करने पर मिलने वाला लाभ


जब कोई छात्रा बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से मैट्रिक यानी 10वीं कक्षा प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण करती है तो उसे मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन के अंतर्गत आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य श्रेणी की छात्राओं को लगभग 10,000 रुपये और अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति वर्ग की छात्राओं को अधिक राशि प्रदान की जाती है जो समय-समय पर सरकार द्वारा निर्धारित की जाती है। इस प्रोत्साहन राशि का उद्देश्य छात्राओं को इंटरमीडिएट में नामांकन के लिए प्रेरित करना है ताकि वे 10वीं के बाद पढ़ाई न छोड़ें।

12वीं पास करने पर मिलने वाला लाभ

इंटरमीडिएट यानी 12वीं कक्षा पास करने पर भी छात्राओं को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इंटर में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण छात्राओं को लगभग 25,000 रुपये तक की सहायता दी जाती है। यह राशि उन्हें आगे स्नातक में प्रवेश लेने और पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है। पहले यह राशि कम थी लेकिन बाद में सरकार ने इसे बढ़ा दिया ताकि अधिक से अधिक छात्राएं उच्च शिक्षा की ओर बढ़ें।

ग्रेजुएशन पास करने पर मिलने वाला लाभ-

स्नातक यानी ग्रेजुएशन पूरा करने वाली अविवाहित छात्राओं को मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत सबसे अधिक लाभ दिया जाता है। स्नातक उत्तीर्ण करने पर लगभग 50,000 रुपये की एकमुश्त प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह राशि छात्रा के बैंक खाते में सीधे ट्रांसफर की जाती है। इस सहायता का उद्देश्य छात्राओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें आगे की पढ़ाई जैसे पोस्ट ग्रेजुएशन, बीएड, प्रतियोगी परीक्षा या अन्य प्रोफेशनल कोर्स के लिए तैयार करना है।

पात्रता की मुख्य शर्तें-

इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का बिहार का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। छात्रा ने मान्यता प्राप्त विद्यालय या विश्वविद्यालय से संबंधित कक्षा उत्तीर्ण की हो। 10वीं और 12वीं के लिए प्रथम श्रेणी आवश्यक होती है जबकि स्नातक के लिए निर्धारित सत्र के अनुसार पात्रता तय की जाती है। स्नातक स्तर पर छात्रा का अविवाहित होना जरूरी है। बैंक खाता छात्रा के नाम से होना चाहिए और आधार से लिंक होना अनिवार्य है।

आवेदन प्रक्रिया

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जाता है। छात्राओं को आधिकारिक पोर्टल पर जाकर नया पंजीकरण करना होता है। पंजीकरण के दौरान आधार नंबर, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और शैक्षणिक जानकारी भरनी होती है। इसके बाद लॉगिन करके आवेदन फॉर्म पूरा करना होता है और आवश्यक दस्तावेज जैसे मार्कशीट, आधार कार्ड, बैंक पासबुक और निवास प्रमाण पत्र अपलोड करने होते हैं। आवेदन सबमिट करने के बाद एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलता है जिसे सुरक्षित रखना चाहिए। जांच पूरी होने के बाद पात्र छात्राओं के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर कर दी जाती है।

जरूरी दस्तावेज

आधार कार्ड, संबंधित कक्षा की मार्कशीट, बैंक पासबुक की कॉपी, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), पासपोर्ट साइज फोटो और सक्रिय मोबाइल नंबर आवश्यक होते हैं। सभी दस्तावेज स्पष्ट और सही होने चाहिए।

योजना के प्रमुख लाभ

इस योजना से राज्य में लड़कियों की शिक्षा दर में वृद्धि हुई है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियां अब 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ने की बजाय इंटर और ग्रेजुएशन तक पढ़ रही हैं। इससे बाल विवाह की घटनाओं में कमी आई है और महिलाओं की सामाजिक स्थिति मजबूत हुई है। यह योजना बेटियों को आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करती है और परिवारों को भी बेटियों की शिक्षा के प्रति जागरूक बनाती है।

महत्वपूर्ण सावधानियां

आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल पर ही करें। बैंक खाता सक्रिय और आधार से लिंक होना चाहिए। गलत जानकारी देने पर आवेदन रद्द हो सकता है। आवेदन की अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखें क्योंकि निर्धारित समय के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाते।

निष्कर्ष

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना 10वीं से लेकर ग्रेजुएशन तक बेटियों को आर्थिक सहायता देकर उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर देती है। यह योजना केवल आर्थिक सहयोग ही नहीं बल्कि सामाजिक परिवर्तन का माध्यम भी है। यदि आप या आपके परिवार में कोई छात्रा इन कक्षाओं को उत्तीर्ण कर चुकी है तो इस योजना का लाभ अवश्य लें और शिक्षा के माध्यम से अपने भविष्य को मजबूत बनाएं।

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